Pandemic को गंभीरता से नहीं ले रहे ये लीडर- कहीं Corona बोलना अपराध है तो कहीं मास्क पहनने पर मिलती है सजा | These four world leader are in constant denial regarding Coronavirus | relaxation-of-world – News in Hindi

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Pandemic को गंभीरता से नहीं ले रहे ये लीडर- कहीं Corona बोलना अपराध है तो कहीं मास्क पहनने पर मिलती है सजा

महामारी कोरोनावायरस को गंभीरता से नहीं ले रहे ये नेता

बेलारूस (Belarus) के राष्ट्रपति ने पूछा- What Virus? Did you see any flying round?, ब्राजीलियन राष्ट्रपति (Brazil President) ने तो COVID-19 को उनके पद से हटाने की साज़िश करार दे दिया. निकारागुआ सरकार ने तो ‘Love in the time of COVID19’ नाम से एक जुलूस भी निकाला था.

नई दिल्ली. वैश्विक महामारी (Pandemic) कोरोना वायरस (Coronavirus) से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की वजह से भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शिता की तारीफ आज पूरी दुनिया कर रही है. मंगलवार की सुबह पीएम मोदी ने देश में जारी लाॅकडाउन (Lockdown) की अवधि three मई तक बढ़ाकर दुनिया को ये भी जता दिया कि भारत (India) इस महामारी से लड़ने के लिए कितना गम्भीर है लेकिन दुनिया के कुछ ऐसे भी नेता हैं जो इन हालातों में भी कोरोना (COVID-19) के खतरे को हल्के में ले रहे हैं और अपने नागरिकों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं. आइए आपका परिचय ऐसे ही चार नेताओं से कराते हैं जिनकी आलोचना पूरी दुनिया में हो रही है.

निकारागुआ के राष्ट्रपति-डेनियल ओरटेगा (Daniel Ortega)
निकारागुआ सरकार शुरु से ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) द्वारा जारी किए गए नियमों की अवहेलना कर रही है और अपने नागरिकों को छुट्टियों के मजे लेने और बीच पर घूमने का सुझाव दे रही है. ये सब तब जब खुद राष्ट्रपति डेनियल ओरटेगा (Daniel Ortega) एक महीने से गायब हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर ही सवाल उठाए जा रहे हैं. ओरटेगा पिछली बार 12 मार्च को नजर आए थे और तब से उप राष्ट्रपति रोजारियो मरिलो, जो कि उनकी पत्नी भी हैं, वही मीडिया से रूबरू हो रही हैं. निकारागुआ सरकार (Nicaragua Government) ने ना सिर्फ दुकानें, फ्लाइट्स और स्कूल खुले रखे हैं बल्कि सरकार ने हाल ही में ‘Love in the time of COVID19’ नाम से एक जुलूस भी निकाला था.

तुर्कमेनिस्तान राष्ट्रपति- गुरबांगुली बर्डी मुहम्मदोव (Gurbanguly Berdimuhamedov)तुर्कमेनिस्तान (Turkmenistan) की सरकार लगातार ये दावा कर रही है कि देश में एक भी कोरोना (COVID-19) का मामला सामने नहीं आया है जबकि पड़ोसी देश ईरान (Iran) और अफगानिस्तान (Afganistan) में बड़ी तादाद में कोरोना के मरीज पाए गए हैं. इस कट्टर देश के बारे में तो यहां तक कहा जा रहा है कि मीडिया और आम जनता के ‘कोरोनावायरस’ (coronavirus) शब्द बोलने पर सरकार द्वारा पाबन्दी लगा दी गई है. रिपोर्टर्स विदआउट बार्डर (Reporters Without Borders) की रिपोर्ट के मुताबिक इस मध्य एशियाई देश में मास्क पहनने और सार्वजनिक जगहों पर कोरोना के बारे में बात करने वालों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है.

बेलारूस राष्ट्रपति- अलेक्जेंडर लुकाशेंको (Alexander Lukashenko)
बेलारूस (Belarus) में पिछले 25 सालों से राष्ट्रपति पद पर बैठे अलेक्जेंडर लुकाशेंको का मानना है कि उनके देश में कोई वायरस नहीं है. उन्होंने हाल ही में एक जनसभा में कहा कि क्या आपको कोई उड़ता हुआ वायरस नजर आ रहा है? (What Virus? Did you see any flying round?) उन्होंने इस महामारी (Pandemic) को ‘कुछ लोगों की मानसिक समस्या’ करार देते हुए वोडका (Vodka) को फायदेमंद बताया है. जहां पूरी दुनिया लगभग रुक सी गई है वहीं इस देश में अभी भी फुटबाल लीग मैच (Football league match) पहले की तरह चल रहे हैं.

ब्राजीलियन राष्ट्रपति- जायर बाॅलसोनारो  Jiar Bolsonaro
ब्राजीलियन राष्ट्रपति (Brazil President) ने तो कोरोना वायरस को महज मीडिया ट्रिक (Media trick) करार देते हुए नकार दिया है. राष्ट्रपति बाॅलसोनारो दरअसल इस महामारी को उन्हें पद से हटाने की साजिश के रूप में देख रहे हैं. जहां कई राज्यों के गवर्नर लोगों से घरों में रहने की अपील कर रहे हैं वहीं राष्ट्रपति अब अपने गवर्नरों पर ही हमलावर हो गए हैं.

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First printed: April 14, 2020, 10:10 PM IST



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