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कोरोना को लेकर ब्राज़ील के राष्ट्रपति के रवैये से डॉक्टर परेशान, बोले- वुहान न बन जाए ब्राज़ील

ब्राज़ील में कोरोनावायरस धीरे धीरे अपना पैर पसारता जा रहा है.

विशेषज्ञों (Medical Experts) का मानना है कि यदि राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने सोशल डिस्टेंसिंग जैसा ही कोई कदम जल्द नहीं उठाया तो देश की हालत इटली (Italy) और अमेरिका (America) के न्यूयॉर्क (New York) जैसी हो सकती है.

रियो. ब्राज़ील (Brazil) के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो (Jair Bolsonaro) पर देश को कोरोना महामारी की आपदा की तरफ झोंकने के आरोप लग रहे हैं. दरअसल, ब्राज़ील के मेडिकल एक्सपर्ट को ये चिंता सता रही है कि कोरोना महामारी को कम करके आंकने की भूल ब्राज़ील को बहुत भारी पड़ सकती है. लोगों का मानना है कि कोरोना महामारी को हल्के में लेकर ब्राज़ील के राष्ट्रपति देश के लोगों की ज़िंदगी खतरे में डाल रहे हैं. कोरोना आपदा से निपटने के रवैये को लेकर बोल्सोनारो की लगातार आलोचनाएं हो रही हैं.

मेडिकल विशेषज्ञों (Medical Experts) का मानना है कि यदि राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने सोशल डिस्टेंसिंग जैसा ही कोई कदम जल्द नहीं उठाया तो देश की हालत इटली (Italy) और अमेरिका (America) के न्यूयॉर्क  (New York) जैसी हो सकती है.

कोरोना पर कर चुके हैं विवादित टिप्पणी
जायर बोल्सोनारा इससे पहले एक टीवी इंटरव्यू में कोरोना महामारी पर विवादास्पद टिप्पणी कर चुके हैं. बोल्सोनारो ने संक्रमण पर चिंता जताने की बजाए अर्थव्यवस्था पर ज़ोर दिया था और कहा था कि कोरोना संक्रमण से कुछ लोग तो मरेंगे ही. बोल्सोनारो के इस बयान पर बहुत बवाल हुआ था. दरअसल ब्राज़ील में कुछ राज्यों ने लॉकडाउन घोषित कर दिया था जिससे जायर बोल्सोनारो सहमत नहीं थे और उन्होंने कहा था कि अर्थव्यवस्था का चलते रहना जरूरी है. राज्य सरकारों के लॉकडाउन के फैसले का बोल्सोनारो के समर्थकों ने भारी विरोध भी किया.द गार्डियन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक रियो डि जेनेरियो में पेड्रो एर्नेस्टो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मार्कोस लागो कहते हैं कि जायर बोल्सोनारो बेहद ही खतरनाक गलती कर रहे हैं और ब्राज़ील अमेरिका, इटली और इंग्लैंड की तरह बर्ताव नहीं कर सकता है क्योंकि ये बेहद ही गैरजिम्मेदाराना और प्रलय में झोंक देने जैसा होगा. वहीं एक दूसरे डॉक्टर ने राष्ट्रपति के बर्ताव को ‘बचकाना’ और ‘पागलपन’ तक कह डाला. डॉक्टरों का कहना है कि अगर इस वक्त दूसरे देशों की तरह हमने कोरोनावायरस से निपटने के जरूरी एहतियाती कदम नहीं उठाए तो आने वाले दिनों में हमारे यहां के हालात वुहान और इटली जैसे होंगे.

ब्राजील में तेजी से फ़ैल रहा है कोरोना
ब्राज़ील में अब तक कोरोना संक्रमण के 22720 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 1270 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं राष्ट्रपति बोल्सोनारो ने इससे पहले साओ पोलो में कोरोना वायरस से हुई मौतों के आंकड़ों पर शक जताया था और कहा था कि यह राजनीतिक हितों के लिए भी नंबर गेम हो सकता है. इससे पहले जायर बोल्सोनारो ने अपने ही स्वास्थ्य मंत्री को कोरोनावायरस के मुद्दे पर उनके खिलाफ बोलने पर बर्खास्त करने की धमकी दी थी.

हालांकि कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए बोल्सोनारो ने प्रधानमंत्री नरेंद मोदी को पत्र लिख कर मदद मांगी थी. अपनी चिट्ठी में संकटमोचक हनुमान जी का हवाला देते हुए बोल्सोनारा ने पीएम मोदी से मलेरिया की हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा मांगी थी. इस दवा के उत्पादन में दुनिया में भारत की 70 फीसदी की हिस्सेदारी है. लेकिन ब्राज़ील में सोशल डिस्टेंसिंग और बीमारी को लेकर जरूरी ऐहतियात को लेकर सार्वजिनक रूप से बोल्सोनारो न कभी गंभीर दिखे और न ही उन्होंने जनता को बीमारी की गंभीरता  को लेकर आगाह किया . यही वजह है कि कुछ लोग ये भी मानते हैं कि जब 65 साल के राष्ट्रपति किसी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे तो फिर बाकी लोगों को करने की क्या जरूरत है. इसी तरह लोगों का ये भी कहना है कि ब्राजील की संस्कृति की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग एक बेहद सख्त तरीका है क्योंकि यहां कि कल्चर में आलिंगन और किसिंग सामान्य शिष्टाचार है.

 

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First revealed: April 14, 2020, 1:32 AM IST



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