बांग्‍लादेश के तट रक्षकों ने समुद्र में फंसे सैकड़ों रोहिंग्‍या को बचाया, 24 की मौत | Bangladesh Coast Guard rescues hundreds of Rohingya stranded at sea, 24 dead | rest-of-world – News in Hindi

0
47

बांग्‍लादेश के तट रक्षकों ने समुद्र में फंसे सैकड़ों रोहिंग्‍या को बचाया, 24 की मौत

बांग्लादेश के तट रक्षक अधिकारियों ने 396 रोहिंग्‍या को बचाया है. ये भूखे-प्यासे कई हफ्तों से नाव में सवार थे. फाइल फोटो

म्यांमार रोहिंग्या को नागरिकों के रूप में मान्यता नहीं देता है. इस वजह से ये लोग गंभीर समस्‍याओं का सामना करते हैं.

ढाका. बांग्लादेश (Bangladesh) के तट रक्षक अधिकारियों ने 396 रोहिंग्‍या (Rohingya) को बचाया है. ये भूखे-प्यासे कई हफ्तों से नाव में सवार थे और लॉकडाउन की वजह से मलेशिया (Malaysia) नहीं पहुंच पा रहे थे. वहीं भुखमरी की वजह से दो दर्जन रोहिंग्या की मौत भी हो गई. अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

कोस्टगार्ड के एक अधिकारी ने ‘रॉयटर्स’ न्‍यूज एजेंसी को बताया किे रोहिंग्‍या लगभग दो महीनों से समुद्र में फंसे हुए थे और भूख से मर रहे थे.’ कोस्टगार्ड ने शुरू में कहा था कि 382 लोगों को बचाया गया, लेकिन बाद में इसमें बदलाव किया गया. वीडियो में देखा जा सकता है कि इनमें ज्यादातर महिलाओं और बच्चों की भीड़ दिखाई दी. इनमें कुछ एक पतली छड़ी की मद्द से मगर मुश्किल से खड़े होते नजर आ रहे हैं. एक शरणार्थी ने रिपोर्टर को बताया कि ‘रोहिंग्‍या के इस समूह को तीन बार मलेशिया से वापस लाया गया था.’ वहीं उसने यह भी कहा कि इस बीच यात्रियों और चालक दल के बीच लड़ाई भी हुई.

म्‍यांमार में रोहिंग्‍या को नागरिक के तौर पर मान्‍यता नहीं मिली है
गौरतलब है कि म्यांमार रोहिंग्या को नागरिकों के रूप में मान्यता नहीं देता है. इस वजह से ये लोग गंभीर समस्‍याओं का सामना करते हैं. ऐसे में नौकरियों, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक इनकी पहुंच मुश्किल है. गौरतलब है कि दक्षिणी बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में एक लाख से ज्‍यादा रोहिंग्या रहते हैं. ये लोग 2017 में सेना द्वारा किए गए एक क्रूर सैन्य हमले के बाद म्यांमार से भाग कर यहां पहुंचे थे. यहां के पश्चिमी राज्य राखिन में हिंसा जारी रही. हालांकि इसके बारे में वहां की सेना का कहना था कि यह रोहिंग्या विद्रोहियों द्वारा किए गए हमलों का जवाब था.नरसंहार की जांच अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में चल रही है

बांग्लादेश में रहने वालों को म्यांमार की सीमा के पास शरणार्थी शिविरों में रहने के लिए मजबूर किया जाता है. वहीं इस जातीय समूह के खिलाफ हुए नरसंहार की अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में जांच चल रही है. इस बारे में मानवाधिकार संगठन ने कहा कि ‘रोहिंग्या को ले जाने वाली कई नावें अभी भी समुद्र में हैं, क्योंकि थाईलैंड और मलेशिया में कोरोनावायरस की वजह से लॉकडाउन किया हुआ है.’ गौरतलब है कि बीती 5 अप्रैल को मलेशिया के अधिकारियों ने लैंगकावी के उत्तर-पश्चिमी द्वीप के तट से जाती हुई एक नाव को रोका और उसमें सवार 200 रोहिंग्‍या को उनके बच्चों समेत हिरासत में ले लिया.

वहीं मलेशिया के उत्तरी राज्य केदाह में एक पुलिस अधिकारी ने ‘रॉयटर्स’ को बताया कि कई नावें मलेशिया तक पहुंचने की कोशिश कर रही थीं. इस वजह से निगरानी बढ़ा दी गई है. सालों से म्यांमार के रोहिंग्या तस्करों द्वारा दक्षिण पूर्व एशिया में शरण पाने की उम्मीद लिए नावों में सवार होकर निकलते हैं. ये आमतौर पर नवंबर से मार्च तक शुष्क मौसम के दौरान यात्राएं करते हैं. इस दौरान समुद्र भी शांत होता है.

ये भी पढ़ें – जानिए भारत में बनने वाली उस दवाई के बारे में, जो अमेरिका सहित कई देश कोरोना से इलाज के लिए मांग रहे

            यूएई में फंसे भारतीयों पर जालसाजों की नजर, आगाह किया गया

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अन्य देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.


First revealed: April 16, 2020, 3:08 PM IST



[ad_2]

Leave a Reply