टॉप के डिप्लोमैट ने WHO के फंड फ्रीज करने की अमेरिकी कार्रवाई पर जताई चिंता | europian union top diplomat deeply regrets us who funding freeze | rest-of-world – News in Hindi

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टॉप के डिप्लोमैट ने WHO की फंडिंग रोकने की अमेरिकी कार्रवाई पर जताई चिंता

ईयू के टॉप के डिप्लोमैट ने WHO की फंडिंग रोकने की अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की है.

यूरोपियन यूनियन (Europian Union) के टॉप के डिप्लोमैट ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) की अमेरिकी फंडिंग (American funding) रोकने की कार्रवाई की आलोचना की है.

ब्रसेल्स: यूरोपियन यूनियन (Europian Union) के टॉप के डिप्लोमैट ने WHO के फंड फ्रीज (fund freeze) करने की अमेरिकी कार्रवाई पर चिंता जाहिर की है. यूरोपियन यूनियन के टॉप के फॉरेन पॉलिसी रिप्रजेंटेटिव ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) की फंडिंग रोकने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की कार्रवाई की आलोचना की है. ईयू रिप्रजेंटेटिव जोसफ बोरेल ने कहा है कि उन्हें अमेरिका के फैसले से दुख पहुंचा है.

अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की फंडिंग रोक दी है और उसके कोरोना वायरस से लड़ने के तौर तरीकों की आलोचना की है. ईयू के रिप्रजेंटेटिव जोसफ बोरेल ने ट्विटर पर लिखा है कि मौजूदा हालात में इस कदम को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता है. इस वक्त उनकी कोशिशों की ज्यादा आवश्यकता थी. इस महामारी से निपटने के लिए ज्यादा मदद की जरूरत है. उन्होंने लिखा है कि इस वक्त हम इस महामारी से तभी निपट सकते हैं, जब सारी ताकतें एक होकर बिना किसी बॉर्डर के संकट का मुकाबला करें.

हालांकि ईयू के रिप्रजेंटेटिव और स्पेन के पूर्व विदेशमंत्री ने इस तरह के बयान जारी करने को लेकर ये नहीं कहा है कि उन्होंने यूरोपियन यूनियन के बाकी सदस्य देशों से इस बारे में राय ली है या नहीं. लेकिन कहा जा रहा है कि बाकियों ने भी अपनी चिंता जाहिर की है.

जर्मनी ने भी की है अमेरिकी कार्रवाई की आलोचनाजर्मनी के विदेशमंत्री हेइको मास ने वाशिंगटन से कहा है कि दूसरों पर आरोप लगाने से कुछ हासिल नहीं होगा. वायरस किसी भी तरह के बॉर्डर को नहीं पहचानता है. उन्होंने कहा है कि हमें कोरोना के खिलाफ सख्ती से कदम उठाने होंगे. ये UN और WHO को फंडिंग के जरिए मजबूत करने का सबसे सही समय है, जिससे दुनिया के सभी देशों तक टेस्टिंग किट और दवाएं पहुंच सकें.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की फंडिंग रोकने पर चीन ने भी चिंता जाहिर की है. चीनी अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका का ये निर्णय कोरोना के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और WHO की क्षमताओं को कमजोर करेगा.

बुधवार को ट्रंप ने रोकी WHO की फंडिंग
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन को दी जाने वाली फंडिंग पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है. डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन कोरोना वायरस के मामले में लगातार चीन की तरफदारी करता रहा है, जिससे अमेरिका समेत पश्चिमी देशों को काफी नुकसान पहुंचा है. ट्रंप के इस फैसले पर संयुक्त राष्ट्र संघ  ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ये इस विवाद के लिए सही समय नहीं है.

यूएन के सेक्रेट्री जनरल एंटोनियो गुटरेस ने कहा है कि ये इस तरह के विवादों के लिए सही वक़्त नहीं है जब WHO महामारी से लड़ने में जी-जान से जुटा हुआ है. ये वक़्त एकता का है, वैश्विक समुदाय को इस महामारी के समय में साथ खड़े रहना होगा, जिससे इससे होने वाले नुकसान को कम से कम किया जा सके. हालांकि WHO की तरफ से ट्रंप के इस कदम पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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First printed: April 15, 2020, 5:53 PM IST



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