कोरोना महामारी की वजह से नहीं लग पा रहा है 10 करोड़ बच्चों को खसरे का टीका|100 million children set to miss out on vaccines due to the coronavirus | rest-of-world – News in Hindi

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कोरोना महामारी की वजह से नहीं लग पा रहा है 10 करोड़ बच्चों को खसरे का टीका

कोरोना वायरस की वजह से दुनिया के 24 देशों में खसरे का टीकाकरण रुक गया है

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के मुताबिक इस साल कोरोना महामारी की वजह से 10 करोड़ बच्चों को टीका नहीं लगा है और ऐसे में उन बच्चों को चिन्हित करने की जरूरत है

कोरोना (Coronavirus) महामारी की वजह से दुनिया में तकरीबन 10 करोड़ से ज्यादा बच्चों को खसरे (Measles) का टीका नहीं लग पाया है. दुनिया के 24 देशों के दस करोड़ से ज्यादा बच्चे खसरे के टीके से वंचित रह सकते हैं. कोरोना महामारी की वजह से कई देशों ने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों को स्थगित कर रखा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के मुताबिक  कोरोना की वजह से दुनिया में लॉकडाउन के चलते 10 करोड़ बच्चों को टीका नहीं लगा है जो बच्चों के लिए बेहद जानलेवा साबित हो सकता है.

संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ के अनुसार बच्चों को खसरे का टीका नहीं नहीं लगने की वजह से  बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. खसरा भी वायरस से फैलने वाला एक संक्रामक रोग है जिसकी वजह से हर साल दुनिया में लाखों लोगों की मौत हो जाती है. साल 2018 में खसरे का वैक्सीन होने के बावजूद दुनियाभर में 1 लाख 40 हज़ार से ज्यादा जानें गईं थीं. ऐसे में ग्लोबल हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन के प्रतिनिधियों ने टीकाकरण कार्यक्रम रोके जाने पर चिंता जताई है.

मैक्सिको, नाइजीरिया और कम्बोडिया समेत कई देशों ने टीकाकरण कार्यक्रमों पर रोक लगा रखी है. इन देशों में नवजात बच्चों को सरकारी अस्पतालों में टीका लगाया जाता है. लेकिन कोरोना महामारी की वजह से संक्रमण के डर से अस्पतालों में टीकाकरण रुका हुआ है. टीकाकरण रुकने पर यूनिसेफ ने चिंता जताई है. यूनिसेफ ने कहा है कि डब्लूएचओ के नए टीकाकरण से जुड़े दिशा-निर्देशों के तहत टीकाकरण की शुरुआत होनी चाहिए. साथ ही यूनिसेफ ने कहा कि जिन देशों में लॉकडाउन की वजह से उड़ान सेवाएं रुकी हुई हैं और टीकाकरण नहीं हो पा रहा है तो वहां टीकाकरण के लिए चार्टर प्लेन से जाने की सुविधा होनी चाहिए ताकि हर बच्चे का टीका सुनिश्चित हो सके. दरअसल कोरोना महामारी से बचने की वजह से बच्चों में खसरा या डिप्थीरिया जैसी बीमारी के फैलने का भी खतरा बढ़ गया है.

तमाम तरह की वैक्सीन से हर साल लाखों लोगों की जान बचाई जाती है. टीकाकरण से बच्चों को उच्च संक्रामक और जानलेवा रोगों से बचाने में मदद मिलती है. वैक्सीन की ही वजह से दो दशक में खसरे से मरने वाले बच्चों की तादाद में कमी आई है.वहीं कोरोनावायरस की वजह से लॉकडाउन में रह रहे बच्चों को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने पैरेंट्स को आगाह किया है. संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि लॉकडाउन के वक्त बच्चे ज्यादा से ज्यादा समय वर्चुअल प्लेटफार्म पर बिताएंगे जो कि उनके लिए नुकसानदायक हो सका है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक लाखों बच्चे ऑनलाइन यौन उत्पीड़न के शिकार हो सकते हैं. यूनिसेफ के मुताबिक दुनियाभर में 15 लाख से ज्यादा बच्चे वर्चुअल प्लेटफार्म पर ज्यादा समय बिता रहे हैं और ये बच्चे इंटरनेट पर गलत लोगों के शिकार हो सकते हैं.

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First printed: April 15, 2020, 11:58 PM IST



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