कोरोना: डेनमार्क में अभिभावकों की चिंता- उनके बच्चों पर प्रयोग कर रही है सरकार | coronavirus in denmark parents concern after ease in lockdown government is experimenting on their children | rest-of-world – News in Hindi

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कोरोना: डेनमार्क में अभिभावकों की चिंता- उनके बच्चों पर प्रयोग कर रही है सरकार

डेनमार्क में एक महीने से जारी लॉकडाउन में अब छूट दी जा रही है.

डेनमार्क (Denmark) में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के चलते एक महीने के लॉकडाउन (lockdown) के बाद अब स्कूल खुलने लगे हैं.

कोपेनहेगेन: डेनमार्क (Denmark) में करीब एक महीने के लॉकडाउन (lockdown) के बाद स्कूल (School) और दुकान दोबारा से खुल रहे हैं. सरकार जहां जल्दी लगाए लॉकडाउन की वजह से कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को काबू में कर लेने का दावा कर रही हैं. वहीं अभिभावकों को लगता है कि जल्दबाजी में प्रतिबंधों को हटा लेने से वायरस का संक्रमण दोबारा लौट सकता है.

लॉकडाउन खोलने के पहले चरण में सरकार ने करीब 6 लाख 50 हजार डे केयर सेंटर और प्राइमरी स्कूलों को खोलने जा रही है. यूनिवर्सिटी, चर्च, सिनेमा हॉल और शॉपिंग मॉल 10 मई तक बंद रहेंगे. अगस्त तक 10 लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. द इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्कूलों के खुलने से बच्चों के माता-पिता चिंतित हैं.

स्कूल खुलने से चिंतित हैं बच्चों के अभिभावक
एक बच्ची को टाइप 1 का डायबिटीज है. उसकी मां का कहना है कि मैं चिंतिंत हूं कि हमारे बच्चों को प्रयोग में इस्तेमाल लाया जा रहा है. मैं ईमानदारी से कहूं तो स्कूल की तरफ से जो लेटर मिला है, उससे मैं संतुष्ट नहीं हूं. स्कूलों ने सभी अभिभावकों को एक लेटर भेजा है. जिसमें स्कूलों में संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए जो एहतियात बरते जाएंगे, उसकी जानकारी दी गई है.बच्ची की मां का कहना है कि उसकी बेटी स्कूल जाने को लेकर उत्साहित है. बच्ची की मां ने कहा है कि डॉक्टरों का कहना है कि स्कूल जाना उसके लिए सेफ है. इसलिए हम इस हफ्ते उसे भेज रहे हैं. लेकिन हमारी चिंता बनी हुई है. हमें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है.

फेसबुक पर बच्चों के अभिभावकों ने बनाया ग्रुप
फेसबुक पर ऐसे कई अभिभावक इकट्ठा हुए हैं, जो अपने बच्चों को लेकर चिंतित हैं. ऐसे ही एक ग्रुप ने अपना नाम रखा है- मेरे बच्चे गिनी पिग नहीं हैं. इस ग्रुप में करीब 39 हजार सदस्य हैं.

बच्चों को अच्छे से स्कूल ड्रेस पहनकर आने की हिदायत दी गई है. एक स्कूल ने अभिभावकों से कहा है कि वो टेंट में रहने वालों के लिए डोनेशन दें. कुछ अभिभावक स्कूल खुलने से उत्साहित हैं. उनमें से एक ने कहा कि मैं अपने बच्चों को दोबारा स्कूल भेजकर खुश हूं. हालांकि अभी भी रिस्क है. हम महसूस कर रहे हैं कि हम टेस्ट केस हैं.

डेनमार्क में यूरोप के बाकी देशों की तुलना में वायरस का संक्रमण उतना नहीं हुआ है. 11 मार्च से पहले ही सरकार ने संक्रमण से बचने के लिए उपाय करने शुरू कर दिए थे. उस वक्त तक संक्रमण से एक भी मौत दर्ज नहीं हुई थी.

डेनमार्क में अब तक वायरस संक्रमण के 6,500 मामले सामने आ चुके हैं. संक्रमण की वजह से करीब 299 लोगों की मौत हुई है.

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First printed: April 15, 2020, 4:15 PM IST



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