करोनावायरस के कहर के बीच चोरों के हौसले ‘पॉज़िटिव’, म्यूज़ियम से ले उड़े करोड़ों की पेंटिंग||vincent-van-gogh-painting-stolen-from-dutch-museum during lockdown of coronavirus | rest-of-world – News in Hindi

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कोरोनावायरस के कहर के बीच चोरों के हौसले ‘पॉज़िटिव’, म्यूज़ियम से ले उड़े करोड़ों की पेंटिंग

विंसेंट वैन की पेंटिंग्स से उनके मन के भावों को समझा जा सकता है. फोटो साभार/एपी

कोरोनावायरस महामारी की वजह से सिंगर लारेन म्यूज़ियम को 12 मार्च को बंद कर दिया गया था ताकि वहां भीड़ न इकट्ठी हो सके

नीदरलैंड्स  के एक संग्रहालय से दुनिया के मशहूर पेंटर विंसेंट वान गॉग की एक पेंटिंग को चोर उड़ा ले गए. चोरी हुई पेटिंग की अनुमानित कीमत तकरीबन 50 लाख यूरो बताई जा रही है. प्रख्यात चित्रकार विंसेंट वान गॉग की 167वीं जयंती के मौके पर ‘पारसोनेज गार्डन एट न्यूनेन इन स्प्रिंग’ टाइटल की पेंटिंग चोरी हो गई. चोरो ने  के सामने का कांच का दरवाज़ा तोड़ कर पेंटिंग चुरा ली. एम्सटर्डम के पूर्वी क्षेत्र में मौजूद सिंगर लारेन म्यूज़ियम में ये वारदात रविवार तड़के सुबह three बजकर 15 मिनट पर हुई. खास बात ये है कि चोरों ने इस पेंटिंग के अलावा किसी दूसरी पेंटिंग को छुआ तक नहीं.

कोरोनावायरस की वजह से सिंगर लारेन म्यूज़ियम 12 मार्च से बंद है
चोरों ने जब म्यूज़ियम का दरवाज़ा तोड़ा तो अलार्म बज उठा लेकिन पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही चोर पेंटिंग लेकर फरार होने में कामयाब हो गए. कोरोनावायरस महामारी की वजह से सिंगर लारेन म्यूज़ियम को 12 मार्च को बंद कर दिया गया था ताकि वहां भीड़ न इकट्ठी हो सके. एक दिन पहले ही विंसेंट वान गॉग की जयंती मनाई गई थी. लेकिन चोरों ने म्यूज़ियम के बंद होने के मौके का फायदा उठाया और विंसेंट वान गॉग की ऐतिहासिक कलाकृति पर हाथ साफ कर दिया.

म्यूज़ियम के डायरेक्टर रूडोल्फ डी लॉर्म ने चोरी की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि जल्द से जल्द महान चित्रकार की चोरी की गई पेंटिंग म्यूज़ियम में वापस लौटनी चाहिए.  उन्होंने बताया कि ग्रॉनिगर म्यूज़ियम से इस पेंटिंग को लोन पर लिया गया था.‘द पार्सोनेज गार्डन एट न्यूनेन इन स्प्रिंग’ अपने समय कीअद्भुत कलाकृति 

सोमवार को ग्रॉनिगर म्यूज़ियम ने चोरी गई पेंटिंग की तस्वीर जारी की. इस पेंटिंग को मशहूर चित्रकार विंसेंट वान गॉग ने अपने न्यूनेन प्रवास के दौरान बनाया था. उस वक्त विंसेंट वान गॉग अपने परिवार के पास वापस लौटे थे और न्यूनेन के ग्रामीण परिदृश्य में जो कुछ भी उन्हें प्रकृति की गोद में दिखा उसे अपनी चित्रकारी के जरिये जीवंत करने की कोशिश की. 1884 में बनाई गई ‘द पार्सोनेज गार्डन एट न्यूनेन इन स्प्रिंग’ उस दौर की एक अद्भुत कलाकृति है.

विंसेंट वान गॉग ने न्यूनेन में दो साल के प्रवास के दौरान वाटर कलर और ऑयल पेंट का इस्तेमाल किया था. उनकी पेंटिंग्स की टोन अधिकतर गहरे भूरे रंग की होती थी जो कि धरती की ज़मीन को प्रदर्शित करती थी. वो मानते थे कि रंग खुद में ही बहुत कुछ अभिव्यक्त करने की ताकत रखते हैं. वो अपनी पेंटिंग्स में पीले रंग का प्राथमिकता से इस्तेमाल करते थे. वो पीले रंग को सूरज की रोशनी, जीवन और ईश्वर के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल करते थे.

प्रकृति से अपने प्रेम की दुनिया में कल्पनाओं के रंग भर कर वो अद्भुत चित्रकारी पेश करते थे जिसमें रंगों का मिश्रण चित्रों को सजीव कर जाता था. चोरी गई पेंटिंग विन्सेंट की अनोखी शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है.

इस पेंटिंग के अलावा न्यूनेन में ही उनकी बनाई दूसरी पेंटिंग नीलामी में 1 करोड़ यूरो में बिकी थी. ये अजीब विडंबना है कि जिस शख्स की पेंटिंग्स करोड़ों रुपये में बिकती हैं वहीं अपनी ज़िंदगी में आर्थिक तंगी से जूझता रहा. जिस शख्स की पेंटिंग्स को देख कर दुनिया को सुकून मिलता है वही शख्स भावनाओं के तूफान में इस कदर टूटा कि पहले मनोरोगी बना और बाद में मात्र 37 साल की उम्र में खुदकुशी कर ली.

नीदरलैंड में जन्मे विंसेंट वैन गॉग ने अपनी ज़िंदगी में 860 ऑयल पेंटिंग्स बनाई जबकि तकरीबन डेढ़ हज़ार वाटर कलर पेंटिंग, पोर्ट्रेट्स और स्केच बनाए. विंसेंट वैन की पेंटिंग्स से उनके मन के भावों को समझा जा सकता है. अदभुत कला के धनी की पेंटिंग्स नीदरलैंड्स के म्यूज़ियम में लोगों को आश्चर्य में भर देती है और उन्हें विश्व के महान चित्रकारों में गिना जाता है.

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First revealed: March 31, 2020, 6:45 PM IST



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