36 दिन बंद रहने के बाद फिर खुली दुनिया की सबसे बड़ी कार फैक्ट्री, बना चुकी है 4.5 करोड़ कारें | worlds biggest car factory reopened after 36 days volkswagen produced 45 million cars till date | rest-of-world – News in Hindi

0
47

36 दिन बंद रहने के बाद फिर खुली दुनिया की सबसे बड़ी कार फैक्ट्री, बना चुकी है 4.5 करोड़ कारें

दुनिया की सबसे बड़ी कार कंपनी फॉक्सवैगन ने कारों का उत्पादन शुरू कर दिया है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते बंद पड़ी दुनिया की सबसे बड़ी कार कंपनी फॉक्सवैगन (Volkswagen) को दोबारा खोला गया है.

बर्लिन: कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते बंद पड़ी दुनिया की सबसे बड़ी कार कंपनी (Car Company) फॉक्सवैगन (Volkswagen) दोबारा से शुरू हुई है. कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए लागू शटडाउन में कार कंपनी को 36 दिनों तक बंद रहना पड़ा. कंपनी के 82 वर्षों के इतिहास में ये पहला मौका था, जब इतने समय के लिए कार का उत्पादन बंद रहा.

फॉक्सवैगन कार कंपनी ने दोबारा उत्पादन शुरू करने के साथ ही अपने प्लांट्स में 100 नए बदलाव लेकर आई है. कंपनी को दोबारा से बिजनेस शुरू करने के साथ ही अपने कर्मचारियों की सेहत का ख्याल भी रखना है. हजारों वर्कर्स इसके यूनिट में काम करते हैं. महामारी के बावजूद कार उत्पादन जारी रखना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती है.

अब तक 4.5 करोड़ कारें बना चुकी है कंपनी
फॉक्सवैगन के वर्कर्स के प्रतिनिधि बर्न्ड ऑस्टेरलोह ने कहा है कि हमने इसके पहले इस हालात में कारों का उत्पादन और उसकी बिक्री नहीं की है.कंपनी का कार प्लांट जर्मनी के वुल्फ्सबर्ग में स्थित है. कंपनी की यूनिट को मानव इंजीनियरिंग का अद्वितीय उदाहरण बताया जाता है. यूरोप के 200 मील में फैले कैनाल के किनारे कंपनी की यूनिट स्थित है.

फॉक्सवैगन की शुरुआत 1938 में हुई थी. अभी भी वुल्फ्सबर्ग में ग्रुप का हेडक्वॉटर मौजूद है. 1945 से कार कंपनी four करोड़ 50 लाख कारें बना चुकी हैं. इसी कार कंपनी ने यहां अपना सबसे मशहूर ब्रांड बीटल तीन दशकों तक बनाया. फिलहाल कार कंपनी अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडल VW गोल्फ सीरीज और टिगुआन बना रही है.

19 मार्च से बंद पड़ी थी कार कंपनी
कार कंपनी के प्लांट को 19 मार्च को यूरोप में कोरोना का संक्रमण फैलने की वजह से बंद किया गया था. लॉकडाउन के लागू होने और बॉर्डर के सील होने के बाद कार कंपनी को अपना उत्पादन बंद करना पड़ा था. कार कंपनी को शुरू करने के साथ ही यूरोप की अर्थव्यवस्था में फिर से तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

यूरोप के कार सेक्टर में करीब 1 करोड़ 40 लाख लोग काम करते हैं. कारों के उत्पादन को दोबारा से शुरू करने से लोगों की नौकरी बची रहेगी और अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.

कार कंपनी की यूनिट करीब 6.5 मिलियन स्कॉयर मीटर में फैली है. पिछले साल फॉक्सवैगन ने करीब 7 लाख कारों का उत्पादन किया था. यूनिट में हर दिन करीब 3500 कारें बन रही थीं. इस यूनिट में करीब 63 हजार लोगो काम करते हैं. ये इस शहर की करीब आधी आबादी के बराबर है.

फॉक्सवैगन अपनी कारों को करीब 71 देशों को निर्यात करती है. इससे करीब 2600 कंपनियां जुड़ी हुई हैं. कोरोना वायरस के चलते इन सबका काम प्रभावित हुआ था.

ये भी पढ़ें:

संभल कर! मास्क नहीं पहना तो इस देश में लगेगा eight लाख रुपए का फाइन
अमेरिका में 57 हजार के करीब पहुंचा मौत का आंकड़ा, 10 लाख से ज्यादा संक्रमित
दुनिया में कोरोना Live: 2021 की गर्मियों तक नहीं थमा संक्रमण तो ओलंपिक होंगे रद्द- जापान
भारतीय सैनिकों ने ऐसे हमला कर सिक्किम पर किया कब्‍जा, फिर आज ही के दिन बना भारत का 22वां राज्‍य

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अन्य देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.


First revealed: April 28, 2020, 5:40 PM IST



[ad_2]

Leave a Reply