स्विटज़रलैंड ने तैयार किया कोरोनावायरस का एंटीबॉडी टेस्ट, बिना लक्षण वाले संक्रमितों की होगी पहचान|switzerlands drugmaker roche aims to offer coronavirus antibody test | rest-of-world – News in Hindi

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स्विटज़रलैंड ने तैयार किया कोरोनावायरस का एंटीबॉडी टेस्ट, बिना लक्षण वाले संक्रमितों की होगी पहचान

बिना लक्षण के कोरोना संक्रमित मरीज़ों की पहचान मुश्किल होती है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

स्विटज़रलैंड (Switzerland) की फार्मास्यूटिकल कंपनी रोशे (Roche) ने बताया एंटीबॉडी (Antibody) जांच उन मामलों में खास तौर पर उपयोगी रहेगी जिनमें कोरोना वायरस से व्यक्ति संक्रमित तो है लेकिन उसमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं

स्विटजरलैंड (Switzerland) की फार्मास्युटिकल कंपनी रोशे (Roche) ने दावा किया कि उसने एक एंटीबॉडी (Antibody) टेस्ट विकसित किया है जिससे कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित लोगों के साथ-साथ उन लोगों का भी पता लगाया जा सकेगा, जिनमें इस वायरस के संक्रमण के बावजूद इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं.

रोशे ने इस मई से एंटीबॉडी टेस्ट शुरू होने की उम्मीद जताई है. रोशे ने एक बयान में कहा कि उसने एलकेसिस एंटी-सार्स-सीओवी-2 प्रणाली विकसित की है, जो रक्त के नमूने का उपयोग करके एंटीबॉडी का पता लगा सकती है ताकि कोरोना वायरस के लिए शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का पता लगाया जा सके.

रोशे ने बताया, ‘एंटीबॉडी जांच उन लोगों की पहचान करने में मदद करने पर केंद्रित है, जो वायरस से संक्रमित हुए हैं. यह जांच उन मामलों में खास तौर पर उपयोगी रहेगी जिनमें कोरोना वायरस से व्यक्ति संक्रमित तो हैं, लेकिन उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं.’

सार्स-सीओवी-2 कहलाने वाले वायरस के लिए इस तरह के सेरोलॉजी परीक्षणों को विकसित करने के लिए दुनिया भर में रिसर्च टीम दिन-रात लगातार मेहनत कर रही हैं.दुनियाभर में कोरोनावायरस का इलाज और वैक्सीन न हो पाने की वजह से कोहराम मचा हुआ है. इस साल के आखिर तक वैक्सीन बनने की उम्मीद जताई जा रही है जबकि इलाज में अब तक कोई एक कारगर दवा सामने नहीं आ सकी है. वहीं कोरोनोवायरस को लेकर नए मामलों ने तब और डॉक्टरों को हैरान कर दिया जब संक्रमित लोगों में कोरोनावायरस का कोई लक्षण नहीं दिखा.

कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्ति के लक्षणों 14 दिनों तक रहते हैं.लेकिन कोरोना के मामले में ये भी देखा गया है कि ठीक हो चुके संक्रमित मरीज़ों को दोबारा ये संक्रमण हो गया. जबकि सार्स और कोरोना परिवार के दूसरे विषाणुओं में ऐसा होना नहीं देखा गया. लेकिन बिना सर्दी-जुकाम और फीवर के लक्षण वाले व्यक्ति को भी कोरोना संक्रमित देखा गया है. हालांकि ये कहा जाता है कि अगर प्रभावित व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक है तो वह 14 दिनों में ठीक हो जाता है. ऐसे ही बिना लक्षण वाले संक्रमित मरीज़ों के लिए एंटीबॉडी टेस्ट के लिए रोशे  दुनिया की फॉर्मास्यूटिकल कंपनियों के साथ रेस में खड़ी हुई है क्योंकि बिना लक्षण वालों से संक्रमण फैलने का ज्यादा खतरा है.

दुनिया के 200 से ज्यादा देशों में कहर बरपाने वाले कोविड-19 बीमारी से अब तक 21 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं जबकि 1,41,000 से लोगों की जान जा चुकी है.

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First printed: April 17, 2020, 8:01 PM IST



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