कोरोना से मर रहे 87 साल के दादा को आखिरी बार गुडबाय करने फायर ब्रिगेड की क्रेन पर चढ़ा परिवार|netherlands firefighters lift a family to care homes to say goodbye one last time to corona patient | rest-of-world – News in Hindi

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कोरोना से मर रहे 87 साल के दादा को आखिरी बार गुडबाय करने फायर ब्रिगेड की क्रेन पर चढ़ा परिवार

एम्सटर्डम में केयर होम्स में भर्ती बुजुर्ग को परिवार ने इस तरह से कहा अलविदा
(Courtesy- CEN)

87 साल के बुजुर्ग के बचने की जब कोई संभावना नहीं दिखी तो परिवार के लोगों ने उन्हें अंतिम अलविदा कहने के लिए अजीब रास्ता अपनाया

कोरोनावायरस (Coronavirus) का संक्रमण सबसे ज्यादा उम्रदराज़ लोगों के लिए खतरा बन चुका है. बुजुर्गों के इसके संक्रमण की चपेट में आने की ज्यादा आशंका रहती है. नीदरलैंड्स (Netherlands) के  एमस्टर्डम (Amsterdam) में एक बुजुर्ग शख्स को कोराना संक्रमित होने के बाद इलाज के लिए केयर होम्स में रखा गया. 87 साल के बुजुर्ग के बचने की जब कोई संभावना नहीं दिखी तो परिवार के लोगों ने उन्हें अंतिम अलविदा कहने के लिए अजीब रास्ता अपनाया. परिवार के लोगों ने केयर होम्स की चौथी मंज़िल पर भर्ती दादाजी को आखिरी विदाई देने के लिए फायर ब्रिगेड की मदद ली. फायर ब्रिगेड की लिफ्ट से परिवार के सदस्यों ने बारी बारी से केयर होम्स की खिड़की के करीब पहुंचकर दादा जी को गुडबाय कहा क्योंकि कोरोना संक्रमण की वजह से वो लोग दादाजी से मिल नहीं सकते थे.

डेली स्टार में छिपी रिपोर्ट के मुताबिक कोरोनावायरस से संक्रमित ग्रैंड पा को परिवार के लोगों ने अलविदा कहने के लिए ये तरीका निकाला. 87 साल के हेनरी निझोव कोरोना से संक्रमित हो गए थे. जिसके बाद उन्हें केयर होम्स में भर्ती किया गया. उनके इलाज में जब कोई सुधार नहीं आया तो हेनरी निझोव के परिवार के लोगों को उनके जीवन के आखिरी लम्हों के बारे में सूचित कर दिया गया. ये ऐसा मौका था कि तब परिवार के लोग चाहकर भी अपने ग्रैंड पा से हॉस्पिटल जाकर सीधे नहीं मिल सकते थे और उन्हें घर भी नहीं  ला सकते थे ताकि परिवार की मौजूदगी में वो अंतिम सांस लें. क्योंकि लॉकडाउन की वजह से ऐसा कर पाना संभव नहीं था. परिवार के दादा को आखिरी बार न देख पाने की कसक से पूरा परिवार दुखी था लेकिन तभी उस बेचैनी में उनकी पोती चांते को एक आइडिया सूझा.

हेनरी की पोती ने स्थानीय फायर ब्रिगेड को फोन कर उनसे मदद मांगी ताकि अपने दादा जी को गुडबाय कर सकें. फायर ब्रिगेड का डिपार्टमेंट फौरन ही मदद के लिए राज़ी हो गया. फिर जो हुआ वो कोरोना से संघर्ष के दौरान एक सुकून देने वाली तस्वीर है.

फायरफाइटर्स ने परिवार के भावनात्मक गुडबाय को पूरा करने के लिए लॉकडाउन में मदद की. वो परिवार को लेकर केयर होम्स आए और उन्होंने क्रेन की लिफ्ट से बारी-बारी से पूरे परिवार को केयर होम्स की चौथी मंज़िल की खिड़की तक पहुंचाया जहां पर दादाजी भर्ती थे. ताकि सभी लोग एक दूसरे को आमने-सामने देख सकें और अपने दिल की बात कह सकें. केयर होम्स में भावुकता से भरा ये नज़ारा दिल को छू लेने वाला था जो कि फायर ब्रिगेड के फायर फाइटर्स की वजह से संभव हो सका था.चांते ने बताया कि उसने इसके लिए फायर ब्रिगेड को कोई लुभावना लेटर नहीं लिखा बल्कि सीधे सीधे अपनी बात कह दी जिसे उन्होंने तुरंत मान भी लिया. चांते ने कहा उनके पास इस मदद के लिए धन्यवाद करने के शब्द नहीं हैं कि किस तरह से हमें ये सब करने की इजाज़त मिली. चांते ने कहा कि मेरे लिए मेरे दादाजी सबकुछ हैं.

नीदलैंड्स में 28 अप्रैल से लॉकडाउन है और 70 साल की उम्र से ऊपर के लोगों के लिए घर से बाहर निकलने की सख्त मनाही है.

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First printed: April 19, 2020, 6:26 PM IST



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