कोरोना से जंग में जर्मनी को बड़ी कामयाबी, इंसानों पर करेगा वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल |first clinical test of covid19 vaccine will be conducted in germany | rest-of-world – News in Hindi

0
46

कोरोना से जंग में जर्मनी को बड़ी कामयाबी, इंसानों पर करेगा वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल

कोरोना वैक्सीन का जर्मनी सबसे पहले इंसानों पर करेगा क्लीनिकल ट्रायल

जर्मनी (Germany) की संस्था फेडरल इंस्टीट्यूट (Fedral Institute) ने जानकारी दी कि जर्मनी की सरकार ने नई वैक्सीन (Vaccine) के इंसानों पर परीक्षण को मंज़ूरी दे दी है

कोरोनावारस (Coronavirus) के कहर से दुनिया में कोहराम मचा हुआ है. डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो चुकी है लेकिन इस लाइलाज बीमारी का दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिक, डॉक्टरों से लेकर वायरोलॉजिस्ट तक के पास कोई तोड़ नहीं है. लेकिन जर्मनी (Germany) से दुनिया के लिए एक उम्मीद भरी खबर सामने आई है. जर्मनी ने कोरोनावायरस के खात्मे के लिए बनाई गई वैक्सीन (Vaccine) के ह्यूमन ट्रायल (Human Trial) को मंजूरी दे दी है.

जर्मनी की संस्था फेडरल इंस्टीट्यूट ने जानकारी दी कि जर्मनी की सरकार ने नई वैक्सीन के इंसानों पर परीक्षण को मंज़ूरी दे दी है. पहले चरण में कुल 200 स्वस्थ्य लोगों पर वैक्सीन का परीक्षण किया जाएगा. इन लोगों को 18 साल से 55 साल की कैटेगरी में रखा गया है. क्लीनिकल ट्रायल के दौरान वैक्सीन की अलग अलग किस्म अलग अलग लोगों को देकर देखा जाएगा कि ये वैक्सीन कोरोनावायरस को खत्म करने में कितनी कारगर हैं. साथ ही ये भी वैज्ञानिक जांच की जाएगी कि इन वैक्सीन का कोई साइड इफैक्ट तो नहीं है.

ब्रिटिश न्यूज़पेपर द इंडिपेंडेंट के मुताबिक जर्मनी की बायोटेक कंपनी बायो एन टेक ने इसका निर्माण किया है. बायो एन टेक ने अमेरिकी दवा कंपनी फाइज़र के साथ संयुक्त रूप से इस वैक्सीन को तैयार कर इसका नाम BNT162 रखा है. बाद में इसका ट्रायल अमेरिका में भी किए जाने की संभावना है. दूसरे चरण में इस वैक्सीन का इस्तेमाल उन लोगों पर किया जाएगा जिनके कोरोना संक्रमित होने की ज्यादा आशंका है.

जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक अब तक 177000 से ज्यादा लोगों की कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है जबकि तकरीबन 25 लाख लोग दुनिया में कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. ऐसे में एक वैक्सीन का संपूर्ण मानव जाति को शिद्दत से इंतज़ार है.दुनिया के तमाम देशों में वैज्ञानिकों की 86 टीमें वैक्सीन तैयार करने में रात-दिन जुटी हुई हैं. हालांकि कुछ देशों ने वैक्सीन बना लेने का दावा किया है तो कुछ जल्द ही इंसानों पर परीक्षण भी करेंगे. जर्मनी के अलावा ब्रिटेन, चीन, अमेरिका और भारत भी वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं. ब्रिटेन  ने 23 अप्रैल से वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल का ऐलान किया है. ब्रिटेन के हेल्थ सेक्रेटरी मैट हैनकॉक ने बताया कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने वैक्सीन को तैयार किया है. उन्होंने कहा कि वैक्सीन का पहला ट्रायल गुरूवार से शुरू होगा और इसके क्लीनिकल ट्रायल के लिए 20 मिलियन पाउंड का फंड दिया गया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में कहा था कि इस साल के आखिर तक कोरोनावायरस पर वैक्सीन आने की संभावना है. WHO ने बताया था कि अलग-अलग देशों में 20 किस्म की वैक्सीन विकसित करने का काम किया जा रहा है. ऐसे में जर्मनी और ब्रिटेन का वैक्सीन बना लेने का दावा और इंसानों पर क्लीनिकल ट्रायल दुनिया में उम्मीदों को बढ़ाने का काम करेंगीं. इससे पहले इज़राइल और चीन ने भी वैक्सीन बनाने का दावा किया है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अन्य देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.


First revealed: April 22, 2020, 8:26 PM IST



[ad_2]

Leave a Reply