कोरोना से जंग को लेकर न्यूजीलैंड पीएम को क्यों माना जा रहा है दुनिया का सबसे काबिल नेता? | Know why new zealand pm jacinda is the best leader worldwide in times of corona virus | rest-of-world – News in Hindi

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आपदाएं शासकों और नेताओं के लिए परीक्षा की घड़ी हुआ करती हैं. वैश्विक महामारी (Pandemic) बन चुका कोरोना वायरस (Corona Virus) का संक्रमण, ऐसी ही एक आपदा है, जो दुनिया के दिग्गज नेताओं का इम्तिहान ले रही है. कोविड 19 (Covid 19) के खिलाफ कुशलता से जंग लड़ने के मामले में न्यूज़ीलैंड (New Zealand) की युवा प्रधानमंत्री जैसिंडा आर्डर्न (Jacinda Ardern) को दुनिया के सबसे काबिल नेता का खिताब दिया जा रहा है, तो आपको ज़रूर जानना चाहिए कि इसकी वजह क्या है.

पहले न्यूज़ीलैंड के आंकड़े जानें
न्यूज़ीलैंड में आज यानी मंगलवार के अपडेट (Update) के मुताबिक कोरोना के कुल कन्फर्म केसों की संख्या 1107 है और अब तक 13 मौतें हुई हैं. एक्टिव केस (Active Cases) 100 से कम ही हैं क्योंकि 1000 से ज़्यादा केसों में रिकवरी हो चुकी है. न्यूज़ीलैंड ने यह भी दावा किया कि हर संक्रमित व्यक्ति से कितने लोगों में संक्रमण फैलता है यानी ट्रांसमिशन रेट (Transmission Rate) न्यूज़ीलैंड में 0.48 व्यक्ति की है, जो ओवरसीज़ देशों में 2.5 व्यक्तियों तक है. साथ ही, दुनिया में प्रति 1 लाख की आबादी पर कन्फर्म केसों के लिहाज़ से भी न्यूज़ीलैंड सबसे कम मामलों वाले देशों में शामिल है.

कैसे प्रो-एक्टिव साबित हुआ न्यूज़ीलैंड?न्यूज़ीलैंड की पीएम जैसिंडा ने 23 मार्च को एक महीने तक का देशव्यापी लॉकडाउन घोषित किया था और तब वहां 200 से कुछ ही ज़्यादा एक्टिव केस थे और किसी संक्रमित की मौत नहीं हुई थी. यानी चार हफ्तों के इस समय के भीतर न्यूज़ीलैंड इस जंग में विजेता के तौर पर उभरा है और सारी दुनिया इस देश और इसकी नेता लैसिंडा की तरफ देखने पर मजबूर है.

दूसरी तरफ, अमेरिका में लॉकडाउन को लेकर सख्ती नहीं दिखाई गई और एक साथ पूरे देश में तालाबंदी भी नहीं की गई. ताज़ा ​आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में कोरोना का प्रकोप सबसे ज़्यादा है. वहीं, भारत ने 25 मार्च को तीन हफ्ते के लिए लॉकडाउन घोषित किया जब भारत में 562 से ज़्यादा एक्टिव केस थे और 13 मौतें हो चुकी थीं. उस समय मध्य प्रदेश और तमिलनाडु राज्यों में मौत का पहला मामला सामने आया था. न्यूज़ीलैंड में अब तक कुल 13 मौतें हुई हैं जबकि अब तक मध्य प्रदेश में 74 और तमिलनाडु में 15 मौतें हो चुकी हैं.

क्यों माना जा रहा है जैसिंडा को काबिल नेता?

एक नहीं, बल्कि कई कारणों से 39 वर्षीय जैसिंडा की चर्चा इस रूप में की जा रही है. अस्ल में, दि अटलांटिक में अपने लेख में यूरी फ्रेडमैन ने जैसिंडा को दुनिया का सबसे योग्य नेता कहा क्योंकि वह अपने देश के लोगों के साथ हमदर्दी के साथ पेश आती रहीं और एक नेता के तौर पर उन्होंने कुशलता, देश से सच बोलने और देश के साथ लगातार संवाद करते रहने जैसे कदम उठाए. इस लेख में जैसिंडा के कुछ गुण बताए गए हैं.

‘जैसिंडा उपदेश नहीं देतीं’
न्यूज़ीलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री हेलेन क्लार्क ने कहा कि जैसिंडा देश के लोगों को उपदेश या निर्देश नहीं देतीं बल्कि उनके साथ होने का विश्वास देती हैं. उनके इसी हमदर्दी भरे बर्ताव के कारण लोग उन पर भरोसा रखते हैं.

‘सही संवाद की कला जानती हैं’
जैसिंडा अच्छी तरह संवाद का हुनर जानती हैं क्योंकि उन्होंने कम्युनिकेशन्स में डिग्री भी हासिल की है. हेलेन ने यह कहते हुए दावा किया कि आपदा का यह समय जैसिंडा को अहम नेता के तौर पर उभारेगा.

‘औपचारिकताओं में विश्वास नहीं’
जैसिंडा अपने देश से संवाद करने में औपचारिकता नहीं बरततीं बल्कि फेसबुक के ज़रिये लगातार जुड़ी रहती हैं. किसी वीडियो में वह अपने बच्चे को सुलाकर स्वेट शर्ट पहने हुए दिखती हैं तो किसी में टीशर्ट पहनकर सहजता से बात करती हुईं. बेशक, वह अपनी औपचारिक वार्ताओं या सम्मलेनों के ​वीडियो भी साझा करती रहती हैं. साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिये लॉकडाउन के दौरान नियमित रूप से लोगों को कोरोना वायरस और देश के हालात को लेकर जागरूक भी किया.

ये उनके कुछ व्यक्तिगुण गुण कहे जा सकते हैं, लेकिन एक नेता के तौर पर भी उन्होंने कम महत्वपूर्ण कदम नहीं उठाए.

‘फ्लैटनिंग द कर्व’ पर जैसिंडा
जब कोरोना वायरस ने किसी की जान नहीं ली थी, मामले कम थे, तभी देश में लॉकडाउन घोषित करते हुए जैसिंडा ने कहा था ‘इटली में भी किसी दिन ऐसा ही था, जैसा अभी हमारे देश में है. हमें स्वास्थ्य को पहली प्राथमिकता देना होगी.’ और इसके बाद कोविड 19 को पूरी तरह खत्म करने के इरादे के साथ न्यूज़ीलैंड ने ज़्यादा और समय रहते टेस्टिंग पर ज़ोर दिया. स्वास्थ्य सुरक्षा के ढांचे को पूरी तरह तैयार किया गया. इसी का नतीजा है कि अब 100 से कम एक्टिव केस शेष हैं और सिर्फ 13 मौतों की कीमत पर.

अपना और कैबिनेट का वेतन कम किया
जैसिंडा ने हाल ही अपने और अपने कैबिनेट सदस्यों के वेतन में अगले छह महीनों तक 20 फीसदी की कटौती घोषित की थी. मार्केट वॉच के लेख के मुताबिक उन्होंने कहा था कि ‘देश के जो लोग कोविड 19 के कारण नौकरियां गंवा रहे हैं, कम वेतन ले रहे हैं या भत्तों पर सब्सिडी के भरोसे हैं, हम उनके साथ खड़े हैं.’

कैसे बेहतर नेता हैं जैसिंडा?
मार्केट रिसर्च कंपनी कोलमर ब्रूंटन ने इस महीने के ताज़ा पोल में कहा कि न्यूज़ीलैंड के 88% लोग अपनी सरकार के सही फैसले लेने की क्षमता पर विश्वास रखते हैं और 84% ने माना कि कोविड 19 पर सरकार ने सही कदम उठाए. ये आंकड़े दुनिया की सात सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों की सरकारों के बारे में जनता की राय के आंकड़ों से बेहतर हैं. अमेरिका में 53 फीसदी लोगों ने माना कि उनकी सरकार ने महामारी को लेकर ठीक कदम उठाए.

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एक पोल ने जैसिंडा को ट्रंप से ज़्यादा विश्वसनीय नेता बताया. फाइल फोटो.

जैसिंडा के बारे में विशेषज्ञों की राय
पोल के आंकड़ों के आधार पर ईस्क्वायर के लेख में चार्ल्स पियर्स ने लिखा ‘ट्रंप और जैसिंडा की नेतृत्व शैली में ज़मीन आसमान का अंतर है. मीडिया से शिकायत नहीं, किसी के सिर ठीकरा फोड़ने की फितरत नहीं, ज़िम्मेदारी से बचने की आदत नहीं और सस्ती लो​कप्रियता के लिए बड़बोलापन न होना जैसिंडा को अलग बनाता है.’

वहीं, फ्रेडमैन के शब्दों में, ‘जैसिंडा के संदेश स्पष्ट, नियमित और क्रमानुसार गंभीर, संयत और खुशगवार होते दिखे. और, उनकी अप्रोच सिर्फ अपने लोगों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़े रहने की ही नहीं बल्कि बेहद कारगर साबित हुई.’

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